Page 34 - Mann Ki Baat - Hindi
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भञारत की िञािवतञा क प्रतत प्रततबद्धतञा
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आपदा प्रबंधन, वैश्श्वक स्ास्थ् औि सतकता की शवति
बढ़ती वकशवक नेतृतव क्मता का सश्त
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प्तीक था।
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ऑपरेशन ब्रह्ा: मयामार में आशा
की एक ड़करण
माच्द 2025 में जब मयामार के मधय
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क्त्र में एक भीषण भूकमप आया, ड़जसस े
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अनेक जानें गईं और महत्वपण्द ढाँचा
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नष्ट हो गया, तब भारत ने तुरंत सहायता
राजेनद्र ड़संह के ड़लए कदम बढ़ाया। केवल कु् घंटों में
राष्ट्रीय आपदा प्ड़तड़क्या बल (NDRF) की
(पीटीएम, टीएम) सदसय एवं
ड़वभाग प्मुख, राष्ट्रीय आपदा प्बंधन टीमें, सशसत्र बल ड़चड़कतसा सेवा (AFMS)
प्ाड़धकरण के ड़चड़कतसा दल और 625 मीड़ट्रक टन
से अड़धक राहत सामग्री मयामार भेजी
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गई। ब्रह्ा नाम के इस ड़मशन का
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संचालन NDMA, ड़वदेश मत्रालय (MEA)
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और रक्ा मत्रालय (MoD) के संय्त
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अप्ल 2025 के ‘मन की बात’ नेतृतव में ड़कया गया। मयामार सरकार
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काय्दक्म में माननीय प्धानमत्री श्री के अनुरोध पर भारत ने खतरे में पड़ी
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नरनद्र मोदी ने भारत की उस प्ाचीन सोच इमारतों को सुरड़क्त ढंग से ड़गराने के
को दोहराया जो सड़दयों से हमारी संसकृड़त ड़लए तकनीकी माग्ददश्दन ड़दया और
का ड़हससा रही ह- ‘वसुधैव कुटुमबकम्’, भूकमप-प्भाड़वत पुलों की संरचनातमक
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अथा्दत् पूरा ड़वशव एक पररवार है। उनके कसथरता का आकलन करने में भी मदद
समबोधन में ऑपरेशन ब्रह्ा को ड़वशेष की। यह ड़मशन भारत की तकनीकी
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रूप से रेखाड़कत ड़कया गया, जोड़क दक्ता, लॉड़जकसटक क्मता और नड़तक
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मयामार में आए ड़वनाशकारी भूकमप के प्ड़तबद्धता का प्माण था ड़क संकट की
बाद भारत की तवररत और करुणामयी घड़ी में भारत अपने पड़ोड़सयों के साथ
प्ड़तड़क्या थी। यह केवल एक बचाव मजबूती से खड़ा है।
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ड़मशन नहीं था, बकलक भारत की मानवीय ऐसे पल ड़जनहोंने दड़नया को
सहायता और आपदा प्ड़तड़क्या (HADR) में झकझोर ड़दया
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