Page 37 - Mann Ki Baat - Hindi
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          नहीं, हर नागररक की ड़जममदारी है।   साड़बत कर ड़दया ड़क जब देश तज़ी स  े
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              एक वकशवक मॉरल : 21वीं सदी का   और ड़न:सवाथ्द भाव से काय्द करते हैं, तो
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          भारत                              जीवन बचते हैं, आशा पुनजमीड़वत होती है,
              भारत  का  आपदा  राहत  और      और समबध मज़बूत होते हैं।
                                                   ं
          सवासरय सहायता मॉरल अब दड़नया भर       ड़नष्कष्द : सीमाओं से परे एक वादा
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          में एक आदश्द प्णाली के रूप में देखा जा   भारत  की  मानवता  के  प्ड़त
          रहा है। यह नीड़त, तकनीक, जनभागीदारी   प्ड़तबद्धता केवल एक नीड़त नहीं है- यह
          और क्ेत्रीय सहयोग का ऐसा सकममलन   एक वादा है। एक ऐसा वादा जो हमारे
          है जो भारत की 1.4 अरब की जनसंखया   प्ाचीन  मूलयों  में  ड़नड़हत  है,  आधुड़नक
          के  साथ-साथ  एक  संवेदनशील  सभयता   क्मताओं से संवृत है, और हमारे लोगों
          की आतमा को भी दशा्दता है।         की  सामूड़हक  इच्ाशक्त  द्ारा  आगे
              ग्राम पंचायत के सतर पर ‘आपदा   बढ़ाया जा रहा है।
          ड़मत्र’,  UAMS,  और  सेंदाई  फ्मवक्फ  के   चाहे वह बचाव के ड़लए बढ़ाया गया
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          अंतग्दत  अंतरराष्ट्रीय  सहयोग  जैस  े  एक  सहायक  हाथ  हो,  ड़मत्रता  में  दी
          काय्दक्मों  के  माधयम  से  भारत  सतत   गई  एक  व्सीन  हो,  या  बाढ़  से  पहल  े
                                                    ै
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          उदाहरण प्सतत कर रहा है।           ड़कसी  ड़कसान  को  सश्त  करने  वाला
              भारत की मानवतावादी ्ड़व (2020-  एक ऐप हो, भारत एक भरोसेमंद और
          2025)                             संवेदनशील वकशवक भागीदार के रूप में
                                                      ै
              एक ऐसी दड़नया में जहाँ जलवायु-  अपनी भड़मका ड़नभाता रहा है।
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          जड़नत  आपदाएँ,  महामाररयाँ  और        जैसा ड़क प्धानमत्री ने सही ही कहा
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          मानवीय  संकट  लगातार  बढ़  रहे  हैं,   है,  ‘ड़वशव  एक  पररवार  है’,  और  भारत
          भारत  का  संदेश  सपष्ट  है  :  हमें  तैयार   अपने इस पररवार के ड़लए हमेशा खड़ा
          रहना  चाड़हए,  हमें  सहानुभड़तशील  होना   रहेगा,  अपने  ड़दलों  में  साहस  के  साथ,
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          चाड़हए और हमें एक साथ ड़मलकर काय्द   अपने  काययों  में  करुणा  के  साथ,  और
          करना  चाड़हए।  ऑपरेशन  ब्रह्ा  ने  यह   अपनी योजनाओं की तैयारी के साथ।

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