Page 9 - Mann Ki Baat (Hindi)
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सावथ्यो, आज का जीिन Tech- ना िड़ा मचो, ना कोई िड़ा िजर्। धीरे-
ं
Driven होता जा रोहा है औरो जो धीरे ये पहल िढ़ती िई और आज इसे
पररोितमान सवद्यों में आते थे, िो बदलाि हम ‘Geetanjali IISc’ के नाम से
हम कुछ बरोसों में होते देख रोहे हैं। जानते हैं। यह अि बसफ्फ एक Class
कई बारो तो कुछ लोि वचंता जताते हैं नहीं, Campus का सांस्ककृबतक केंद्र
ं
वक Robots कहीं मनुष््यों को ही न है। ्यहाँ वहंदुस्तानी शास्त्री्य सिीत है,
Replace करो दें। ऐसे बदलते सम्य लोक परोम्परोाएँ हैं, शास्त्री्य विधाएँ हैं,
में Human Development के वलए छात्र ्यहाँ साथ बैठकरो ररो्याि करोत े
ु
अपनी जिों से जिे रोहना बहुत जरूरोी हैं। Professor साथ बैठते हैं, उनके
ु
है। मुझे ्ये देखकरो बहुत खुशी होती ह ै पररोिारो भी जिते हैं। आज दो-सौ स े
ु
वक हमारोी अिली पीढ़ी अपनी संस्ककृवत ज़््यादा लोि इससे जिे हैं। औरो खास
की जिों को अच्छी तरोह थाम रोही है - बात ्ये वक जो विदेश चले िए, िो भी
नई सोच के साथ नए तरोीकों के साथ। Online जिकरो इस Group की डोरो
ु
सावथ्यो, आपने Indian थामे हुए हैं।
ु
Institute of Science उसका सावथ्यो, अपनी जिों से जिे रोहन े
नाम तो ज़रूर सुना होिा। Research के ्ये प््यास वसि्फ भारोत तक सीवमत
ु
और Innovation इस संस्थान की नहीं हैं। दवन्या के अलि-अलि कोनों
ू
पहचोान है। कुछ साल पहले वहाँ के औरो िहाँ बसे भारोती्य भी अपनी भवमका
कुछ छात्रों ने महसूस बकया बक पढ़ाई वनभा रोहे हैं। एक औरो उदाहरोण जो हमें
और Research के िीचो सिीत के देश से बाहरो ले जाता है - ्ये जिह ह ै
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बलए भी जिह होनी चोाबहए। बस ्यहीं स े ‘दुबई’। िहाँ रोहने िाले कन्निा पररोिारोों
एक छोटी-सी Music Class शुरू हुई। ने खुद से एक िरूरोी सिाल पूछा –
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