Page 13 - Mann Ki Baat (Hindi)
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सावथ्यो, तवमल भाषा दवन्या की पाव्यती बिरर जी। जनवरी 2026 में
सबसे प्ाचीन भाषा है। तवमल सावह्व्य उनकी जन्म-शताब्दी मनाई जाएिी।
भी अ्व्यंत समृद् है। मैंने ‘मन की बात’ उन्होंने 16 वर््य की आयु में ‘भारत
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में ‘काशी तवमल सिमम’ में भाि लेने का छोड़ो आंदोलन’ में बहस्सा बलया था।
आग्ह वक्या था। मुझे खुशी है बक आज साबथयो, आज़ादी के आंदोलन के
देश के दूसरे बहस्सों में भी िच्चों और िाद पाव्यती बिरर जी ने अपना जीवन
युवाओं के िीचो तबमल भार्ा को लेकर समाज सेवा और जनजातीय कल्याण
नया आकर््यण बदख रहा है - यही भार्ा को समबप्यत कर बदया था। उन्होंने कई
की ताकत है, यही भारत की एकता है। अनाथालयों की स्थापना की। उनका
सावथ्यो, अिले महीने हम देश का प्ररक जीवन हर पीढ़ी का माि्यदश्यन
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77वाँ िणतंत्र बदवस मनाएिे। जि भी करता रहिा।
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ऐसे अवसर आते हैं, तो हमारा मन “मँ पाव्यती बिरर बजंकु श्रद्धाजबल
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स्वतंत्रता सेनाबनयों और सबवधान अप्यण करुछी”
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बनमा्यताओं के प्रबत ककृतज्ता के भाव स े (मैं पाव्यती बिरी जी को श्रद्धाजबल
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भर जाता है। हमारोे देश ने आिादी पान े अबप्यत करता हँ) ू
के वलए लम्बा संघषमा वक्या है। आिादी सावथ्यो, ्ये हमारोा दाव्य्वि है वक
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के आंदोलन में देश के हरो वहस्स के हम अपनी विरोासत को ना भलें| हम
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लोिों ने अपना ्योिदान वद्या है। लवकन, आिादी वदलाने िाले ना्यक-नाव्यकाओं
दभामाग््य से आिादी के अनकों ना्यक- की महान िाथा को अिली पीढ़ी तक
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नाव्यकाओं को िो सम्मान नहीं वमला, पहँचाएं। आपको ्याद होिा, जब हमारोी
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जो उन्हें वमलना चावहए था। ऐसी ही आिादी के 75 िषमा हुए थे, तब सरोकारो
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एक स्वतंत्रता सेनानी हैं- ओबडशा की ने एक विशेष website त्यारो की थी।
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