Page 46 - Mann Ki Baat - Hindi
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एक पे़ि िञाँ क िञाि असभयञाि
हरित भाित की ओि एक कदम
महातमा गाँधी ने एक बार कहा था,
मेरे पयारे देशवाड़सयो, हमारे देश की
सबसे बड़ी ताकत हमारे 140 करोड़ “हम ड़वशव के वनों के साथ जो कर रह े
नागररक हैं, उनका सामरय्द है, उनकी हैं, वह वासतव में हमारे सवयं के और
इच्ा शक्त है, और जब करोड़ों लोग,
एक-साथ ड़कसी अड़भयान से जुड़ जात े एक-दूसरे के साथ वयवहार का प्ड़तड़बमब
हैं, तो उसका प्भाव बहुत बड़ा होता है। है।” इस ड़वचार को सकारातमक रूप स े
इसका एक उदाहरण है ‘एक पेड़ माँ के
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नाम’। ये अड़भयान उस माँ के नाम है, अपनाते हुए, प्धानमत्री श्री नरनद्र मोदी
ड़जसने हमें जनम ड़दया और ये उस धरती ने 5 जून, 2024 को ‘ड़वशव पया्दवरण
माँ के ड़लए भी है, जो हमें अपनी गोद में
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धारण ड़कए रहती है। ड़दवस’ के अवसर पर ‘एक पड़ माँ के
- प्धानमंत्री नरेनद्र मोदी नाम’ अड़भयान की शुरुआत की। यह
(‘मन की बात’ समबोधन में )
अड़भनव पहल पया्दवरण संरक्ण को
एक सामाड़जक उद्शय से जोड़ती है।
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आइए, इस अड़भयान के दोहरे उद्ेशय
को ड़वसतार से समझते हैं :
पया्दवरण संरक्ण की ड़दशा में
वृक्ारोपण
भारत सड़हत दुड़नया के अनेक
ड़हससों में वनों की कटाई, प्दूषण और
पया्दवरणीय ड़गरावट ड़चंता का ड़वषय
बने हुए हैं। इन चुनौड़तयों के बीच, पड़
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लगाना जलवायु पररवत्दन से ड़नपटन े
और पाररकसथड़तक संतुलन बहाल करन े
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