Page 26 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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                             राष्ट्रीय कडट कोर
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                      तवकससि भारि क ललए युवा शतति



                                          युवाओं  के  हलए  माग्यदश्यक  शब्त  के
                                          रप में काय्य किता िै औि उनमें िाष्ट्

                                          के प्रहत प्रहतबधिता की गििी भावना पैदा
                                          किता िै।
                                              नेतृतव के हवकास में एनसीसी की

                                          भहमका
                                           ू
                                              एनसीसी  में  एक  सुवयवबसथत
                                   ं
          लेबफटनेंट जनिल गुिबीिपाल हसि    पाठ्यरिम  िै,  जो  अनुशासन,  एकता
           मिाहनदेशक, िाष्ट्ीय कैऱेट कोि  औि सामाहजक सेवा का हमश्ण िै। यि
                                          युवाओं  के  हलए  ऐसा  वाताविण  तैयाि

                                          किता िै, जिाँ वे अपनी ताकत की खोज
                                          कि सकते िैं, चुनौहतयों का सामना कि
                                          सकते िैं औि जीवन के हवहभन्न क्ेत्ों

                                          में नेतृतव किने के हलए आवशयक गुण
                                          हवकहसत कि सकते िैं।
                                              मूल  हसधिात  :  अनुशासन,  एकता
                                                      ं
                                          औि सेवा
            िाष्ट्ीय  कैऱेट  कोि  (एनसीसी),   एनसीसी प्रहशक्ण का आधिाि तीन

        सबसे बडा वददीधिािी युवा संगठन, 1948   मूलयों में हनहित िै : अनुशासन, एकता
        से अबसततव में िै। इसने युवा मानस को   औि सेवा। ये मूलय मात् श्द निीं िैं,
                                                        ं
        आकाि  देने  औि  उन  गुणों  का  पोषण   बबलक  ऐसे  हसधिात  िैं,  जो  एनसीसी
        किने  में  लगाताि  मित्वपण्य  भहमका   ढाँचे के भीति िि काि्यवाई, हनण्यय औि
                                 ू
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        हनभाई  िै,  जो  उनिें  भहवष्य  के  लीरि   गहतहवहधि का माग्यदश्यन किते िैं।
        बनने  के  हलए  तैयाि  किते  िैं।  िमािा   अनुशासन  :  अनुशासन  वि  नींव
        आदश्य वा्य, ‘एकता औि अनुशासन’,    िै,  हजस  पि  नेतृतव  का  हनमा्यण  िोता


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