Page 5 - Mann Ki Baat - Hindi
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मेरे प्यारे देशवयासि्ो, नमस्यार





              आज जब मैं आपसे ‘मन की बात’    आतंकी हमले की तसवीरों को देखकर

          कर  रहा  हूँ,  तो  मन  में  गहरी  पीड़ा  है।   खौल रहा है। पहलगाम में हुआ ये हमला,

               ै
          22 अप्ल को पहलगाम में हुई आतंकी   आतंक  के  सरपरसतों  की  हताशा  को
          वारदात ने देश के हर नागररक को दु:ख   ड़दखाता है, उनकी कायरता को ड़दखाता

          पहुँचाया है। पीड़ड़त पररवारों के प्ड़त हर   है। ऐसे समय में जब कशमीर में शांड़त
          भारतीय  के  मन  में  गहरी  संवेदना  है।   लौट  रही  थी,  सककूल-कॉलेजों  में  एक

          भले वो ड़कसी भी राजय का हो, वो कोई   vibrancy थी, ड़नमा्दण काययों में अभूतपूव्द

          भी भाषा बोलता हो, लेड़कन वो उन लोगों   गड़त आई थी, लोकतंत्र मजबूत हो रहा
          के दद्द को महसूस कर रहा है, ड़जनहोंने   था, पय्दटकों की संखया में ररकॉर्ड बढ़ोतरी

          इस हमले में अपने पररजनों को खोया   हो रही थी, लोगों की कमाई बढ़ रही थी,
          है। मुझे एहसास है, हर भारतीय का खून,   युवाओं के ड़लए नए अवसर तैयार हो रहे

































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