कच्छवे दी कोई चाल नहीं, चीते दी स्पीड हां, मैं नवा हिंदुस्तान हां उतर जी, ज़ाद मैं नवा नवा ट्रक्च लोना सिख्या सी सडक देखके मेरा दिल बैज आन्दा सी पर हुण देख सडका मक्खनवारगियां हो गई याने वड़े वड़े पोड़ बन गएने उतर जी, ताहीता तेरे प्योदा तंदा वादरिया है लेहुन, जा खेड बारा साथ, विश्वास के, विकास के, जन कल्यान के